Woman

Pregnancy ପାଇଁ ପ୍ଲାନ କରୁଛନ୍ତି ତେବେ ନିଶ୍ଚୟ ପଢ଼ନ୍ତୁ l ଗର୍ଭବତୀ ହେବାପାଇଁ ଆୟୁର୍ବେଦିକ ତୁଟୁକା

ମା ହେବା ପାଇଁ ପ୍ରତ୍ୟେକ ନାରୀଙ୍କର ସ୍ୱପ୍ନ ଥାଏମା ହେଲା ପରେ ଜଣେ ନାରୀ ନିଜକୁ ସମ୍ପୂର୍ଣ୍ଣ ମନେ କରିଥାଏତେଣୁ ଯଦି ଆପଣ ପ୍ରେଗନାନସି ପାଇଁ ପ୍ଲାନ କରୁଛନ୍ତି ତେଵେ ଆପଣଙ୍କୁ ନିହାତି ଜାଣିବା ଦରକାର ଯେ ଆପଣଙ୍କ ପାଇଁ କେଉଁ କେଉଁ ଜିନିଷ ଅତ୍ୟନ୍ତ ଗୁରୁତ୍ୱପୂର୍ଣ୍ଣଯାହାର ପୂରଣ ନହେଲେ ଅପଣଙ୍କ ଗର୍ଭ ନଷ୍ଟ ହୋଇପାରେ ବା ଗର୍ଭରେ ପିଲାର ଠିକ ଭାବେ ବିକାଶ ହୋଇ ପାରିବ ନାହିଁଏଥିରେ ଆପଣ ସେହି ଜିନିଷ ଗୁଡିକୁ ଆପଣେଇ ସଫଳ ମାତା ହୋଇପାରିବେ ବେଳେବେଳେ ଗର୍ଭ ଧାରଣ ର 7/8 ମାସ ପରେ ମଧ୍ୟ ଗର୍ଭପାତ ହୋଇଯାଏ,  ଏହାକୁ ଧ୍ୟାନ ରଖି ଏ ବିଷୟରେ ଜାଣିବା ଆବଶ୍ୟକ l

Infertility

बांझपन और  गर्भ शोधन में.

बांपन में या गर्भ शोधन के लिए स्त्री को रजोनिवृति के बाद लगातार दिन तक हर रोज़ पीपल के एक ताज़े पत्ते को गाय के दूध में उबालकर पीने से गर्भाशय शुद्ध होता है और गर्भ स्थापना होने पर उत्तम संतान उत्पन्न होती है. जब तक गर्भ स्थापना ना हो यह प्रयोग हर महीने करना चाहिए. इसके लिए हर बार नया ताज़ा पत्ता इस्तेमाल करें.

ସ୍ତ୍ରୀର ଗର୍ଭଧାରଣ ହେବା ପାଇଁ ତାହାର ଯୋନିସ୍ରାବ କ୍ଷାରୀୟ ହେବା ଆବଶ୍ୟକତେଣୁ ଭୋଜନ କ୍ଷାର ପ୍ରଧାନ ହେବା ଆବଶ୍ୟକ ଓ ଶରୀରରୁ ବିଜାତୀୟ ପଦାର୍ଥ ବାହାର କରିବା ଆବଶ୍ୟକ ଏଥିପାଇଁ ଉପବାସ କରିବା ଉଚିତ ଏହି ରୋଗରେ ପୀଡିତ ସ୍ତ୍ରୀଙ୍କୁ କ୍ଷୀର ପରିବର୍ତ୍ତେ ଦହି ଖାଇବା ଉଚିତହାଲକା ଉଷୁମ ପାଣିରେ 1 ଚାମଚ ମହୁ ଓ ଲେମ୍ବୁ ରସ ମିଶାଇ ପିଆଇବା ଉଚିତ ଅଧିକ ଲୁଣମିର୍ଚ୍ଚ ମସଲାତେଲିଆଚିନିଚାକଫିମଇଦାଆଦି ଜିନିଷ ଖାଇବା ଉଚିତ ନୁହେଁ ଝାଡା ଯଦି ପରିଷ୍କାର ହେଉନାହିଁ ତୁରନ୍ତ ଧ୍ୟାନ ଦେବା ଉଚିତ ବାଞ୍ଝପଣ ଦୂର ପାଇଁ ଭିଟାମିନ ଇ ଓ ସି ଯୁକ୍ତ ଖାଦ୍ୟ ଯେପରି କମଳାଲେମ୍ବୁ,  ଆମଲାଅଙ୍କୁରିତ ଶସ୍ୟଆଦି ଦିଆଯିବା ଆବଶ୍ୟକ ଥଣ୍ଡାରେ ପ୍ରତିଦିନ 5-6 ଖୋସା/କୋଲା ରସୁଣ ଚୋବାଇ କ୍ଷୀର ସହ ପିଇବା ଆବଶ୍ୟକଏଥିରେ ବାଞ୍ଝପଣ ଶୀଘ୍ର ଠିକ ହୁଏ ଜାମୁକୋଳି ପତ୍ର କୁ କାଢା ବନାଇ ମହୁ ମିଶାଇ ପ୍ରତିଦିନ ଦେଲେ ଶୀଘ୍ର ଲାଭ ମିଳେ l 6 ଗ୍ରାମ ପାନମହୁରୀ ଚୂର୍ଣ୍ଣ (ସୋମ୍ଫ)  ଘିଅ ସହିତ ତିନି ମାସ ସେବନ କଲେ ସ୍ତ୍ରୀ ଗର୍ଭ ଧାରଣ ଯୋଗ୍ୟ ହୋଇଯାଏ l

ଅନ୍ୟାନ୍ୟ ଉପାୟ

 रूई के फाये को फिटकरी में लपेटकर तथा पानी में भिगोकर रात को जब स्त्री सो रही हो तब उसकी योनि में रखें। सुबह के समय में जब इस रूई को निकालेंगे तो इसके चारों ओर दूध की खुरचन की तरह पपड़ी सी जमा होगी। जब तक पपड़ी आनी बंद न हो तब तक इस इस क्रिया को प्रतिदिन दोहराते रहना चाहिए। ऐसा कुछ दिनों तक करने से स्त्री गर्भ धारण करने योग्य हो जाती है फिर इसके बाद स्त्री को पुरुष के साथ संभोग क्रिया करनी चाहिए।

बड़ (बरगद) के पेड़ की जड़ों को छाया में सुखाकर कूट कर छानकर पाउडर बना लें। फिर स्त्रियां इसे माहवारी समाप्त होने के बाद तीन दिन लगातार रात को दूध के साथ लें। इस क्रिया को तब तक करते रहना चाहिए जब तक की स्त्री गर्भवती न हो जाए।

कृष्ण मूसली

दो माशे कृष्ण मूसली की दस खुराक करे। ऋतू स्नान के बाद स्त्री पुरुष एक एक खुराक दोनों समय पांच दिन तक खाए। तत्पश्चात पांच – छः दिन सम्भोग करे। गर्भ अवश्य ठहरेगा।

शिवलिंगी

शिवलिंगी के एक पुष्प के बीज को स्त्री ऋतू स्नान के चौथे दिन खाए या शिवलिंगी के बीजो की खीर बनाकर खाए तो गर्भ ज़रूर ठहरेगा। शिवलिंगी के बीज और कौंच की जड़ को गाय के दूध में पीसकर स्त्री को पिलाये। कुछ दिनों के प्रयोग से उसे गर्भ ज़रूर ठहर जायेगा।

नागकेसर और सुपारी पाक

नागकेसर और सुपारी पाक चूर्ण का नित्य सेवन करने वाली स्त्री जल्दी गर्भवती हो जाती हैं। नागकेसर चूर्ण बछड़े वाली देसी गाय के दूध के साथ सेवन करने से बाँझ स्त्री जल्दी ही गर्भवती होती हैं। नागकेसर के चूर्ण को घी में मिलाकर सेवन कराने और ऊपर से बछड़े वाली देसी गाय के दूध पिलाने से स्त्री को गर्भ ठहर जायेगा।

समंदर झाग

समंदर झाग को महीन करके दही में मिला कर खिलने से बाँझ स्त्री को भी गर्भ ठहर जाता हैं।

ढाक के पत्ते

ढाक के एक पत्ते को पीसकर दूध में मिलाये। यदि इसे बाँझ स्त्री को भी पिला दिया जाए तो उसे भी गर्भ ठहर जायेगा।

ଯୋଗାସନ

ସର୍ବାଙ୍ଗାସନମତ୍ସ୍ୟାସନପଶ୍ଚିମଉତ୍ତାସନଶଲଭାଶନଇତ୍ୟାଦି ..

ସ୍ତ୍ରୀ ଗର୍ଭ ଧାରଣ ନ ହେବା ପାଇଁ କେତେକାଂଶରେ ତାଙ୍କର ପତି ମଧ୍ୟ ଦାୟୀ  ହୋଇପାରନ୍ତି ତେଣୁ ନିଜର ପତିଙ୍କୁ ଚେକଅପ କରାଇ ତାଙ୍କର ଚିକିତ୍ସା ସହିତ ନିଜର ଉପଚାର ମଧ୍ୟ କରାଇବେ ଯଦି ଦୁଇ  ଜଣଙ୍କର ପ୍ରଜନନ ଅଙ୍ଗରେ କିଛି ସମସ୍ୟା ଥିବ ତାହେଲେ ତୁରନ୍ତ ଚିକିତ୍ସା କରାଇନେବା ଉଚିତ l